Tuesday, December 19, 2023

पूजा मे दीपक कैसे जलाना चाहिए

अक्सर प्रश्न पुछा जाता है कि गुरु जी हम पूजन में दीपक कौन सा और किस चीज का जलाया जाय?? तो इस विषय पर आजका यह लेख आपके संकलन के लियें है। मित्रो,
शास्त्रों मे हर देवता के लिए भिन्न -भिन्न दीपक जलाने का विधान है। आइये आज समझते हैं कि किस देवता या ग्रह के लिए कौन सा दीपक जलाएं ?
जब हम किसी देवता का पूजन करते हैं। तो सामान्यतः दीपक जलाते हैं। दीपक किसी भी पूजा का महत्त्वपूर्ण अंग है। हमारे मस्तिष्क में सामान्यतया घी अथवा तेल का दीपक जलाने की बात आती है। और हम जलाते हैं। जब हम धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भिन्न-भिन्न देवी-देवताओं की साधना अथवा सिद्धि के मार्ग पर चलते हैं। तो दीपक का महत्व विशिष्ट हो जाता है। दीपक कैसा हो, उसमे कितनी बत्तियां हों , इसका भी एक विशेष महत्त्व है। उसमें जलने वाला तेल व घी किस-किस प्रकार का हो, इसका भी विशेष महत्त्व है। उस देवता की कृपा प्राप्त करने और अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए ये सभी बातें महत्वपूर्ण हैं।
〰️🔸〰️🔸〰️🔸〰️🔸 👉1. *हमें आर्थिक लाभ प्राप्त करना हो तो नियम पूर्वक अपने घर के मंदिर में शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए।* 👉 *हमें शत्रुओं से पीड़ा हो तो सरसों के तेल का दीपक भैरव जी के सामने जलाना चाहिये।* 👉 *भगवान सूर्य की प्रसन्नता के लिए घी का दीपक जलाना चाहिए ।* 👉 *शनि के लिए सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।* 👉 *पति की दीर्घायु के लिए गिलोय के तेल का दीपक जलाना चाहिए।* 👉 *राहु तथा केतु ग्रह के लिए अलसी के तेल का दीपक जलाना चाहिए।* 👉 *किसी भी देवी या देवता की पूजा में गाय का शुद्ध घी तथा एक फूल बत्ती या तिल के तेल का दीपक आवश्यक रूप से जलाना चाहिए।* 👉 *भगवती जगदंबा व दुर्गा देवी की आराधना के समय एवं माता सरस्वती की आराधना के समय तथा शिक्षा-प्राप्ति के लिए दो मुखों वाला दीपक जलाना चाहिए।* 👉 *भगवान गणेश की कृपा-प्राप्ति के लिए तीन बत्तियों वाला घी का दीपक जलाना चाहिए।* 👉 *भैरव साधना के लिए सरसों के तेल का चैमुखी दीपक जलाना चाहिए।* 👉 *मुकदमा जीतने के लिए पांच मुखी दीपक जलाना चाहिए।* 👉 *भगवान कार्तिकेय की प्रसन्नता के लिए गाय के शुद्ध घी या पीली सरसों के तेल का पांच मुखी दीपक जलाना चाहिए ।* 👉 *भगवान शिव की प्रसन्नता के लिए आठ तथा बारह मुखी दीपक पीली सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।* 👉 *भगवान विष्णु की प्रसन्नता के लिए सोलह बत्तियों का दीपक जलाना चाहिए।* 👉 *लक्ष्मी जी की प्रसन्नता के लिए घी का सात मुखी दीपक जलाना चाहिए।* 👉 *भगवान विष्णु की दशावतार आराधना के समय दस मुखी दीपक जलाना चाहिए।* 👉 *इष्ट-सिद्धि तथा ज्ञान-प्राप्ति के लिए गहरा तथा गोल दीपक प्रयोग में लेना चाहिए।* 👉 *शत्रुनाश तथा आपत्ति निवारण के लिए मध्य में से ऊपर उठा हुआ दीपक प्रयोग में लेना चाहिए।* 👉 *लक्ष्मी-प्राप्ति के लिए दीपक सामान्य गहरा होना चाहिए।* 👉 *हनुमानजी की प्रसन्नता के लिए तिकोने दीपक का प्रयोग करना चाहिए और उसमें चमेली के तेल का प्रयोग करना चाहिए।* 〰️🔸〰️🔸〰️🔸〰️🔸 🚩दीपक कई प्रकार के हो सकते हैं। जैसे मिट्टी, आटा, तांबा, चांदी, लोहा, पीतल अथवा स्वर्ण धातु का। मूंग, चावल, गेहूं, उड़द तथा ज्वार को समान भाग में लेकर उसके आटे से बना दीपक सभी प्रकार की साधनाओं में श्रेष्ठ होता है। किसी-किसी साधना में अखंड ज्योति जलाने का भी विशेष विधान है। जिसे गाय के शुद्ध घी और तिल के तेल के साथ भी जलाया जा सकता है। यह प्रयोग विशेषत: आश्रमों और देव स्थानों के लिए करना चाहिए। 🚩अगर हमें आर्थिक लाभ प्राप्त करना हो तो नियम पूर्वक अपने घर के मंदिर में शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए।🚩 〰️🔸〰️🔸〰️🔸〰️🔸 *पं अजय शर्मा* *कुल पुरोहित एवं ज्योतिष विश्लेशक* *सुखदा ज्योतिष संस्थान* 7837789520

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