Tuesday, January 9, 2024

मंडला कला

मंडला कला मन को शांति देने वाली कला है। जो धीरे धीरे इंसान के मन ,शरीर और आत्मा को शांत कर देती है। और उसे इस भौतिक संसार से दूर कला के संसार में ले जाती है। हर तरह के शारीरिक और मानसिक तनाव को दूर करने में बहुत सहयोगी है मंडला कला।
(ये सारे मंडला कला कृतियां मेरे द्वारा बनाई गई है। मै अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा कर रही हूं।) मैने खुद भी ये महसूस किया है। मैने जब से मंडला कला कृतियां बनाना शुरू किया है। मैने खुद में बहुत बदलाव पाया है। जैसे योग और ध्यान करने से मन और आत्मा का शुद्धिकरण होता है। जो धीरे धीरे इंसान को स्वयं से साक्षात्कार करा देता है। मंडला कला भी उसी प्रकार काम करती है।
आइए अब मंडला का अर्थ जान लेते है। मंडला का अर्थ संस्कृत में सर्कल या केंद्र से है। मंडला को एक ज्यामितीय विन्यास द्वारा निरुपित किया जाता है जो आमतौर पर किसी न किसी रूप में गोल आकार को शामिल करता है। ऐसा माना जाता है कि मंडला में प्रवेश करने और उसके केंद्र की ओर बढ़ने पर, ब्रह्मांड को बदलने और दुख की भावनाओं से आनंद की ओर बढ़ने की एक ब्रह्मांडीय प्रक्रिया का अनुभव होता है।
हिंदू दार्शनिक प्रणालियों में मंडला या यंत्र आमतौर पर एक वर्ग के आकार में होता है जिसके केंद्र में एक वृत्त होता है। पारंपरिक बौद्ध मंडला एक गोलाकार पेंटिंग है जो इसके निर्माता को उनके स्वयं का सत्य (True Self) खोजने में सहायक होती है।
जैसा कि मैंने ऊपर लिखा है की ये धीरे धीरे आत्म साक्षात्कार में मदद करता है। मंडला कला के इतिहास के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई मुझे लेकिन जितनी भी मिली है वो मै अपने लेख में साझा कर रही हूं।
मंडला की कल्पना पहली बार वेदों (1500-500 ईसा पूर्व) में की गयी थी। ऐसा माना जाता है कि सिल्क रूट के साथ यात्रा करने वाले बौद्ध भिक्षुओं द्वारा इसे भारत से बाहर ले जाया गया था। छठी शताब्दी तक, चीन, कोरिया, जापान, इंडोनेशिया और तिब्बत में मंडला की पहुंच हो चुकी थी।
आज की भाग दौड़ भरी तनाव पूर्ण जिंदगी में मंडला कला एक अच्छा साधन है मन व आत्मा को शांत करने का, खुद को heal करने का और आत्म साक्षात्कार करने का। मैने तो आजमा के देख लिया है। इस लेख को पढ़ने वाले बाकी लोगो को भी इसे आजमा के देखना चाहिए। बहुत ही आसान तरीका है। ज्यादा खर्चीला भी नही है। दवाइयों और थेरेपी पर पानी की तरह पैसे बहाने से अच्छा है इस तरह के प्राकृतिक थेरेपी को चुना जाए।
स्वरचित मौलिक लेख दिव्यांजली वर्मा Divyanjli Verma #goodtimes #GoodLuck #jayshreeramchallenge #Modi

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